युगल का मुंह सूख गया । उसके मुंह से अपने आप निकल गया - "लड़की !"


"जी हां ।"


"तुमने उसकी सूरत देखी थी ?"


"नहीं।"


"तब तुम्हें जरूर गलतफहमी हुई थी। कल रात मैं केबिन में एक क्षण के लिये भी नहीं आया था और केबिन को ताला लगा हुआ था ।”


"हो सकता है, साहब ।" - युवक अविश्वासपूर्ण स्वर में बोला ।


"शायद वह बगल के केबिन में गई हो !"


"मुमकिन है ।"


युगल एक क्षण हिचकिचाया फिर बोला - "पिछली रात क्या तुमने किसी आदमी को भी मेरे केबिन में प्रविष्ट होते देखा था?"


"नहीं। क्या आपने किसी को अपने केबिन की चाबी दी हुई थी?"


"नहीं।"

"तो फिर ?"


" यूं ही पूछ लिया था ।”


युगल केबिन से बाहर निकल आया । उसे इस बात का पूरा भरोसा था कि हेजल की हत्या किसी शक्तिशाली आदमी ने की थी । हेजल बड़ी सुगठित और स्वस्थ लड़की थी । वह किसी ऐसे वैसे आदमी के काबू में आने वाली लड़की नहीं थी ।


वह पार्किंग में पहुंचा । वहां कई कारें खड़ी थीं ।


उसने आसपास नजर दौड़ाई । कहीं कोई आदमी मौजूद नहीं था।


उसने एक कार को ट्राई किया । उसका दरवाजा बन्द था । उसने अगली कार को चेक किया । उसका भी दरवाजा बन्द था । आठवीं कार का दरवाजा हैंडल का पुश दबाते ही खुल गया । युगल ने एक नजर चारों ओर डाली और धीरे से दरवाजा खोलकर कार में बैठ गया । उसने जेब से चाबियां निकालीं और अपनी इग्नीशन की चाबी को उस कार के इग्नीशन स्विच में लगाया । सौभाग्यवश चाबी लग गई । कार का इंजन स्टार्ट हो गया । उसने कार को गियर में डाला और पार्किंग से बाहर ले चला । किसी ने उसे रोका नहीं । उसने शान्ति की एक दीर्घ निश्वास ली और कार की स्पीड बढा दी । वह कार को सावधानी से अपने काटेज के सामने ले आया ।


तब तक पूर्णतया अंधकार छा चुका था ।


वह कार को गैरेज के एकदम सामने ले आया । गैरेज के दरवाजे में और कार की डिकी में केवल छ: इंच का फासला रह गया ।


वह बाहर निकला, उसने गैरेज का दरवाजा खोला और कार के पृष्ठ भाग में पहुंचा और अपनी चाबियों को डिकी के ताले पर ट्राई करने लगा । मगर किसी चाबी से डिकी का ताला न खुला । तब वह कोने में पड़ी एक लोहे की छड़ उठा लाया ।


लगभग पांच मिनट में उसने छड़ की सहायता से डिकी का ताला तोड़कर उसका ढक्कन उठा दिया। फिर वह अपनी पैकार्ड के समीप पहुंचा।


बड़ी हिम्मत करके उसने पैकार्ड की डिकी को खोला, लाश को कन्धे पर रखा और चुराई हुई कार की डिकी में डाल कर ढक्कन बन्द कर दिया |


वह कुछ क्षण खड़ा हांफता रहा फिर अपनी पैकार्ड के समीप पहुंचा । डिकी में से उसने हेजल का सूटकेस और नोटों से भरा अटैची केस उठा लिया, गैरेज का द्वार बन्द किया और काटेज में लौट आया ।


सूटकेस में से उसने हेजल का सारा सामाना निकाला और गैस की भट्टी में डालकर बाहर से दरवाजा बन्द कर दिया । वह एक सिगरेट सुलगा कर प्रतीक्षा करने लगा ।


आधे घन्टे बाद उसने भट्टी का दरवाजा खोला । भीतर हेजल के सामान के स्थान पर राख का छोटा सा ढेर पड़ा था । उसने गैस बन्द कर दी, और हेजल के सूटकेस को उसने पलंग के नीचे सरका दिया ।


फिर उसने नोटों से भरे अटैचीकेस को उठा लिया । उसने देखा पक्की सड़क पर गिराये जाने की वजह से अटैचीकेस एक ओर से पिचक गया था और उसका उस ओर का कैच खुला गया था। उसने कैच को बन्द करने की कोशिश की लेकिन ढक्कन टेढा हो जाने की वजह से कैच बन्द न हुआ । युगल ने दूसरी ओर का कैच भी खोलकर ढक्कन उठा दिया । उसे अटैचीकेस में उसकी पूर्ण लम्बाई चौड़ाई में ढका हुआ एक अखबार दिखाई दिया ।


युगल ने उसको हटा कर नीचे देखा । नीचे भी अखबार था।


युगल ने जल्दी से अटैचीकेस में नीचे तक हाथ डाला और एक साईड को उलट दिया । अटैचीकेस में पुराने अखबारों के अतिरिक्त कुछ भी नहीं था । युगल मुंह बाये अखबारों को देखता रहा ।


उसे विश्वास नहीं हो रहा था कि ऐल्डन कोस्टरमैन ने उसे धोखा दिया था । ऐल्डन कोस्टरमैन अरबपति आदमी था । बीस लाख डालर की रकम उसके लिये कोई अहमियत नहीं रखती थी । साढे चार बजे के न्यूज ब्राडकास्ट में एनाउन्सर ने बताया था कि ऐल्डन कोस्टरमैन ने बड़े दयनीय शब्दों में कहा था कि अपराधी अगर बीस लाख डालर से सन्तुष्ट नहीं थे तो वे दो करोड़ डालर या इससे भी बड़ी रकम मांग लेते लेकिन उसकी बेटी को तो लौटा देते ।


ऐलडन कोस्टरमैन वह धोखेबाजी करके अपनी बेटी की जिन्दगी से खिलवाड़ नहीं कर सकता था ।


जरूर कोई गड़बड़ थी । लेकिन क्या गड़बड़ हो सकती थी ?


गड़बड़ यही हो सकती थी कि ऐल्डन कोस्टरमैन ने अटैचीकेस में बीस लाख डालर के नोटों को भरने के मामले में किसी और का भरोसा किया था । वह बीमार और कमजोर था इस लिये उसने ऐसा किया होता तो वह असम्भव नहीं था । जिस पर उसने भरोसा किया उसी ने उसे धोखा दिया । उसने बीस लाख के नोटों के बदले में अटैचीकेस में पुराने अखबार भर दिये ।


लेकिन वह सम्भावना अधिक देर तक उसके जेहन में न जमी रह सकी । उसने सोचा शायद किसी ने ऐन मौके पर अटैचीकेस बदल दिया हो । वह बात उसे ज्यादा जंची । लेकिन ऐसा कौन कर सकता था ? इस प्रश्न का उत्तर उसके पास नहीं था । उसने पुराने अखबारों से भरा अटैचीकेस बन्द कर दिया ।


अभी वह प्रश्न महत्वपूर्ण नहीं था । अभी तो सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि हेजल की लाश एक चुराई हुई कार की डिकी में पड़ी थी । उस चुराई हुई कार से, हेजल की लाश से, उसने तुरन्त पीछा छुड़ाना था ।


अखबारों से भरे अटैचीकेस को हाथ में लटकाये वह बाहर निकल आया ।


उसने अटैचीकेस को भी चुराई हुई कार की डिकी में डाला और ड्राइविंग सीट पर जा बैठा, फिर कार स्टार्ट की और उसे सड़क पर ले आया। वह सोच रहा था कि हेजल की लाश के साथ जब पुराने अखबारों से भरा सूटकेस भी पाया जायेगा तो सब यही समझेंगे कि अपराधियों को रुपया नहीं मिला इसी लिये उन्होंने हेजल की हत्या कर दी।


वह कार को बीच से एकदम विपरीत दिशा में किसी सुनसान इलाके में छोड़ आना चाहता था ।

आगे एक चौराहा था । सिग्नल की बत्ती हरी थी । ज्यों ही युगल की कार सिग्नल के समीप पहुंची सिग्नल का रंग बदल गया । लेकिन तब तक कार स्टाप लाईन से आगे निकल आई थी । उसी क्षण बाई ओर से एक ट्रक आया और भड़ाक से युगल की कार के पृष्ठ भाग से टकरा गया।


युगल को एक जोर का झटका लगा । उसका सिर डैशबोर्ड से जा टकराया । लोहे से लोहा टकराने की भारी आवाज हुई । उस आवाज के साथ युगल के कानों में ट्रैफिक के सिपाही की बार-बार बजती सीटी की आवाज भी पड़ी ।


युगल के स्टियरिंग से हाथ और एक्सीलेटर से पांव अपने आप ही हट गये ।


पृष्ठ भाग में टक्कर लगने से उसकी कार एकदम थम तो गई तो लेकिन उल्टी नहीं थी । इसी लिये वह बुरी तरह घायल होने से बच गया था । ।


सिर डैशबोर्ड से टकराने की वजह से उसका शरीर कुछ क्षणों के लिये सुन्न तो पड़ गया लेकिन शीघ्र ही उसने अपने आप पर काबू पा लिया ।


उसने देखा चौराहे पर उस क्षण चार-पांच गाड़ियां रुक गई थीं और कई लोग उसकी ओर लपके चले आ रहे थे। उनमें ट्रैफिक का सिपाही भी था ।


वह जल्दी से कार से बाहर निकल आया ।


उसका दिल तेजी से धड़क रहा था । बड़े गलत वक्त पर एक्सीडेन्ट हुआ था । पहले तो सारे बखेड़े से पीछा छुड़ाने में ही बड़ी देर लग चुकी थी और अगर उसकी कार के समीप खड़े किसी आदमी की नाक में डिकी में पड़े हेजल के शरीर की दुर्गन्ध पहुंच गई तो...


ट्रक वाला भी कूद पड़ा था। उसकी निगाह पहले कार के पृष्ठ भाग पर ही पड़ी। उसके नेत्र बाहर को उबल पड़े। युगल ने पहले ट्रक वाले की शक्ल देखी और फिर उसकी दृष्टि का अनुसरण किया। कार के पृष्ठ भाग पर निगाह पड़ते ही उसका मुंह सूख गया ।


ट्रक की टक्कर लगने की वजह से डिकी का ढक्कन पिचक कर एकदम उठ गया था और हेजल की लाश बाहर दिखाई देने लगी थी । लेकिन अभी ट्रक ड्राइवर के अतिरिक्त किसी और की निगाह लाश पर नहीं पड़ी थी ।


युगल एकाएक पलटा और अपनी ओर आते ट्रैफिक के सिपाही और अन्य लोगों से एकदम विपरीत दिशा में भागा । लेकिन ट्रक ड्राइवर ने उसे पीछे से पकड़ लिया । युगल ने अपनी दोनों कोहनियों का प्रहार जोर से पीछे की ओर किया ।


ट्रक ड्राइवर ने चीख कर उसे छोड़ दिया और अपना पेट पकड़ कर बैठ गया ।


युगल जी छोड़ कर भागा ।


"पकड़ो ! पकड़ो !"


चौराहे के पार एक मोटरसाइकल खड़ी थी । उसका मालिका एक दुबला-पतला युवक उसकी बगल में खड़ा एक्सीडेन्ट का नजारा देख रहा था ।

युगल बगोले की तरह उसके समीप पहुंचा । उसने युवक को जोर का धक्का दिया और बिजली की तेजी से मोटरसाइकल स्टार्ट की, उस पर सवार होकर उसने तेजी से यू टर्न लिया और एक्सीलेटर घुमा दिया । मोटरसाइकल बन्दूक से छूटी गोली की तरह सड़क पर भाग निकली ।


मोटरसाइकल के हैंडल पर लगे रियरव्यू मिरर में उसने सिपाही को चौराहे पर खड़ी अपनी मोटरसाइकल की ओर झपटते देखा ।


भाग्यवश अगले चौराहे पर हरी बत्ती थी। उसने मोटरसाइकल को तेजी से बाई सड़क पर मोड़ दिया | थोड़ी ही दूर पर एक रेस्टोरेन्ट था । उसने मोटरसाइकल को रेस्टोरेन्ट के सामने खड़ा कर दिया और भीतर घुस गया । वो बिना एक क्षण भीतर रुके पिछले दरवाजे से बाहर निकल गया और तेजी से चलता हुआ ब्लाक के सिरे पर पहुंचा । वहां फौरन ही उसे एक टैक्सी मिल गई ।


वह फुर्ती से टैक्सी में बैठ गया। पिछली सीट के साथ सिर लगते ही उसने नेत्र मूंद लिये और लम्बी-लम्बी सांसे लेनी आरम्भ कर दीं ।


"हे भगवान !" - वह होंठों में बुदबुदाया- "हे भगवान !"


टैक्सी आगे बढ़ गई ।


***

लगभग सौ एकड़ जमीन के मध्य में बन एक सफेद रंग की विशाल दो मंजिली इमारत अरबपति एल्डन कोस्टरमैन का निवास स्थान थी ।


युगल ने अपना कलाई पर बन्धी घड़ी पर नजर डाली । साढे नौ बजे चुके थे ।


वह लोहे के विशाल फाटक के सामने खड़े वर्दीधारी गेटकीपर के पास पहुंचा । गेटकीपर ने सन्दिग्ध नेत्रों से उसकी ओर देखा ।


"मैं अल्मा से मेरा मतलब है मिसेज कोस्टरमैन से मिलना चाहता हूं ।" - वह बोला ।


गेटकीपर ने सन्दिग्ध नेत्रों से युगल को देखा और बोला . "सारी । मिसेज कोस्टरमैन किसी से नहीं मिल सकतीं । "


"लेकिन उनसे मेरा मिलना बहुत जरूरी है ।"


"मिसेज कोस्टरमैन किसी से मिलने की स्थिति में नहीं हैं । डाक्टर ने उन्हें कई दिन तक पूरा आराम करने के लिये कहा है । उनकी तबीयत इतनी खराब है कि वो मिस्टर कोस्टरमैन के जनाजे के साथ भी नहीं जा सकीं ।"


“जनाजा !" - युगल चौंक कर बोला ।


“जी हां । मिस्टर कोस्टरमैन का आज शाम को पांच बजे देहान्त हो गया ।"


"ओह !" - युगल विषादपूर्ण स्वर में बोला- "आखिर कमजोर, वृद्ध, दिल का मरीज, ऐल्डन कोस्टरमैन अपनी इकलौती बेटी के बिछोह का सदमा बर्दाश्त नहीं कर सका।"


"मिसेज कोस्टरमैन की तबीयत तो पहले से ही खराब थी, पिछली रात को एक बजे से ही वे नर्वस ब्रेकडाउन की शिकार होकर पड़ी हैं । मिस्टर कोस्टरमैन की मौत ने तो उन की रही-सही जान भी निकाल ली है ।"


युगल कुछ क्षण चुप रहा फिर विनयपूर्ण स्वर में बोला - "सुनो। क्या मिसेज कोस्टरमैन से कुछ क्षण बात कर सकने की कोई सूरत नहीं हो सकती ?"


"सारी ।" - वह दृढ स्वर में बोला ।


युगल वहां से हट गया और लोहे के जंगलों वाली चारदीवारी के साथ-साथ आगे बढा । उसका अल्मा से मिलना बहुत जरूरी था । एक स्थान पर वह ठिठक गया।


उसने जूते उतार कर कोट की जेबों में ठूसे, वह जंगला पकड़ कर ऊपर चढ गया । और नि:शब्द दूसरी ओर कूद गया । फिर उसने जूते निकाल कर पहने और पेड़ों के पीछे छुपता हुआ वह आगे बढ़ता गया। पेड़ों के बाद विशाल लॉन था ।


लॉन की पार करके वह इमारत के समीप पहुंच गया । उसने सावधानी से इमारत के चारों ओर एक चक्कर लगाया ।


इमारत के अधिकांश भाग में या तो अन्धकार था या खिड़कियों के पर्दों द्वारा ढके होने के कारण प्रकाश बाहर नहीं फूट रहा था ।


निचली मंजिल में किचन या पैन्ट्री जैसे कुछ स्थानों में उसे कुछ नौकर-चाकरों की सूरतें दिखाई दीं लेकिन अल्मा दिखाई नहीं दी ।


पहली मंजिल के केवल एक कमरे में पर्दों के पीछे हल्के से प्रकाश का आभास हो रहा था । उस ओर की दीवार पर जमीन से लेकर इमारत की छत तक लम्बी बेलें फैली हुई थीं । बेलों की सिलसिला उस खिड़की की बगल से गया था ।


युगल ने दो-तीन बेलों की मजबूती से पकड़ा और जोर से झटका दिया । बेल अपने स्थान से नहीं हिली । वह ऊपर मजबूती से कहीं फंसी हुई मालूम होती थी ।


युगल ने फिर जूते उतार कर जेब में ठंसे और बेलों के सहारे ऊपर चढने लगा । खिड़की के समीप पहुंचकर वह खिड़की के प्रोजेक्शन पर उतर गया और उसने बेल छोड़ दी ।


एक स्थान पर खिड़की के शीशों वाले पत्थरों से पर्दा हट गया था । युगल ने भीतर झांका ।


भीतर पलंग पर अल्मा अधलेटी-सी बैठी उपन्यास पढ रही थी । उसके दायें हाथ में हाईबाल का गिलास था और चेहरे पर परम संतुष्टि का भाव था । नर्वस ब्रेकडाउन की शिकार या बीमार वह हरगिज नहीं लग रही थी ।


युगल ने धीरे से खिड़की के एक पल्ले को भीतर की ओर धकेला । खिड़की बन्द नहीं थी। पल्ला खुल गया । वह फौरन कमरे के भीतर कूद गया ।


अल्मा हड़बड़ाकर उठ बैठी | युगल पर निगाह पड़ते ही उस के नेत्र फैल गये । किताब हाथ से निकल गई । हाईबाल का गिलास भी गिर गया । उसका मुंह खुलने ही वाला था कि युगल ने लपक कर उसका मुंह दबोच लिया।


"चिल्लाना नहीं।" - युगल चेतावनीपूर्ण स्वर से बोला ।


अल्मा ने सहमतिसूचक ढंग से सिर हिलाया ।


युगल ने उसके मुंह से अपना हाथ हटा लिया ।


"मैं तुम से कुछ बात करना चाहता हूं।" - युगल बोला ।


"बात करने के लिये आने का यह कौन सा तरीका है ?"


"तुम्हारा गेटकीपर मुझे भीतर ही नहीं आने दे रहा था । वह कहता था कि डाक्टर ने तुम्हें किसी से मिलने को और कई दिन तक बिस्तर से हिलने को मना किया है। मुझे तो तुम अच्छी खासी तन्दुरुस्त दिखाई दे रही हो ।”


अल्मा के चेहरे ने कई रंग बदले ।


"डाक्टर ने तुम्हें नर्वस ब्रेकडाउन का क्या यह इलाज बताया है कि उपन्यास पढो और हाईबाल पियो ?"


"तुम चाहते क्या हो ?" - अल्मा कठारे स्वर में बोली ।


"क्या बात है ? तुम तो ऐसी बेरुखी दिखा रही हो जैसे जिन्दगी में आज से पहले तुम ने मेरी सूरत ही नहीं देखी।"


"क्या चाहते हो ?" - अल्मा ने वैसे ही स्वर में अपना प्रश्न दोहराया ।


"बैठ जाओ ।"

अल्मा पलंग के किनारे पर बैठ गई।


युगल एक स्टूल खींचकर उसके सामने बैठ गया ।


"तुम्हारी हालत और तुम्हारे व्यवहार को देखकर मेरे दिमाग में खतरे की घन्टियां बजने लगी हैं।" - युगल बोला।


"तुम कहना क्या चाहते हो ?" - अल्मा रूखे स्वर में बोली।


"तुम कल रात को हेजल को लेने बीच पर क्यों नहीं आई ?" युगल ने उसके नेत्रों में झांकते हुये पूछा । -


"मेरी तबीयत खराब हो गई थी ।" - अल्मा नेत्र चुराती हुई बोली ।


"तुम्हारी तबीयत इतनी खराब हो गई थी कि तुम यह तक भूल गयीं कि हेजल को बीच पर से घर लाना भी हमारे प्लान का एक महत्वपूर्ण अंगा था !"


"मेरी तबीयत वाकई खराब हो गई थी । मेरा ख्याल था कि अगर मैं नहीं पहुंचूंगी तो हेजल घर आ ही जायेगी । और मेरा नर्वस ब्रेकडाउन का ड्रामा सारे प्लान को और विश्वसनीय बना देगा । लेकिन हेजल वापिस क्यों नहीं लौटी ?"


"तुम्हें नहीं मालूम ?"


"मुझे कैसे मालूम हो सकता है । वह तुम्हारे साथ थी । तुम उसे एयरोड्रोम से लाये होगे ।”


"हां, लाया तो था ।”

" तो फिर कहां है वह ?"

"जब हेजल नहीं लौटी तो तुमने नहीं सोचा कि वह कहां गई ?"


"सोचा था, खूब सोचा था ।”


"फिर मुझसे पूछा क्यों नहीं ?"


"नौबत ही नहीं आई । मिस्टर कोस्टरमैन ने पुलिस को रिपोर्ट दे दी थी इसलिये पुलिस भी सारा दिन सबसे पूछताछ करती रही । इधर मुझे भी यह लगता था कि देर की कोई खास वजह हो गई होगी । हेजल किसी भी क्षण वापिस आ जायेगी । फिर शाम को मिस्टर कोस्टरमैन की मृत्यु हो गई । "


"कैसे ?"


"वे हार्ट के मरीज तो थे ही। बेटी के वापिस ने लौटने से उन्हें इतना सदमा पहुंचा कि वे चल बसे । "


" और तुम शराब पीकर उनकी मौत का मातम मना रही हो ।”


अल्मा का चेहरा क्रोध से तमतमा उठा । फिर वह एकदम गम्भीर हो गई और बोली- "मुझे क्या मरने वाले के साथ मर जाना चाहिये था ?"


"नहीं । खास तौर पर तब जबनकि मरने वाला ऐल्डन कोस्टरमैन जैसा अरबपति आदमी हो । तुम्हें उसकी मौत की खुशी में न केवल ड्रिंक करना चाहिये बल्कि छत पर चढकर राक-एन- रोल नाचना चाहिये ताकि सारी दुनिया देखे । "


"क्या बक रहे हो ?"

"मैं ठीक बक रहा हूं, मैडम । अब ऐल्डन कोस्टरमैन की सारी जायदाद की मालकिन तुम हो । "


"हेजल जो है ! क्या पता कोस्टरमैन अपना सब कुछ बेटी के नाम लिख गये हों ।"


“तो भी दौलत तुम्हें ही मिलेगी ।"


"क्या मतलब ?"


"किसी ने हेजल की हत्या कर दी है ।"


“क्या !” - अल्मा चिहुंक कर बोली ।


"जब मैं कोस्टरमैन को फेंका हुआ सूटकेस लेकन वापिस लौटा तो केबिन में मुझे हेजल की लाश ही मिली। पिछली रात एक बजे मैंने एयरोड्रोम पर उसको रिसीव किया । लगभग पौने दो बजे मैं उसे केबिन में छोड़ कर गया था । ढाई बजे मैं वापिस लौटा। पौने दो और ढाई के बीच में किसी ने उसकी हत्या कर दी ।"


"ओह गॉड !"


"तुम्हारे ख्याल से हत्यारा कौन हो सकता है ? "


" मुझे क्या मालूम ? मैं तो एक बजे से ही बिस्तर पर पड़ी थी और तीन बजे तक डाक्टर मेरे पास था । लेकिन कहीं तुम ही ने तो...


अल्मा ने जान-बूझ कर वाक्य अधूरा छोड़ दिया ।


"क्या बक रही हो ? मैं हेजल से मुहब्बत करता था । बल्कि शादी करना चाहता था । इसी मिशन के अन्तर्गत तुम्हारी स्कीम के अनुसार हेजल के अगवा का ड्रामा किया गया । मैं भला उसकी हत्या क्यों करता !"


"शायद दौलत हाथ आ जाने के बाद तुम्हारा इश्क का भूत उतर गया हो और तुम्हें हेजल से ज्यादा दौलत प्यारी लगने लगी हो लेकिन हेजल तुम्हारी पोल न खोल दे इसलिये उसका मुंह बन्द करने के लिये तुमने उसकी हत्या कर दी हो ।"


"पोल तो मेरी तुम भी खोल सकती हो ।”


"करैक्ट । और शायद तुम इस तरह खिड़की फान्द कर मेरी भी हत्या ही करने आये हो ।"


"अहमकों जैसी बात मत करो। मैं हेजल की हत्या नहीं कर सकता था । मैं हेजल से मुहब्बत करता था । अगर उसकी हत्या ही करनी होती तो मैं उसे एयरोड्रोम और बीच के दरम्यान कहीं भी कत्ल करके फेंक देता । उसे अपने केबिन में लाकर हत्या करने का खतरा क्यों मोल लेता ? और फिर उस अटैचीकेस में रुपया भी नहीं था । "


"क्या बकते हो ?"


"मैं ठीक कह रहा हूं। अटैचीकेस में नोटों के बदले रद्दी अखबार भरे हुये थे ।"


"तुम झूठ बोल रहे हो।"


" मैं सच कह रहा हूं "


अल्मा कुछ क्षण चुप रही और फिर धीरे से बोली- “तो फिर रुपया कहां गया ?"


"मेरा ख्याल है किसी ने कोस्टरमैन के यहां से रवाना होने से पहले ही अटैचीकेस बदल दिया होगा ।"


"यह असम्भव है ?"


"इसके अतिरिक्त और कोई बात सम्भव नहीं । मैं यह नहीं मान सकता कि अपनी बेटी की सलामती के बदले कोस्टरमैन की रुपया अदा करने की नीयत नहीं थी।”


"हेजल की लाश अभी भी केबिन में पड़ी है ?"


"नहीं।"

"तो फिर ?"


युगल ने उसे बाकी कहानी भी सुना दी ।


"ओ माई गॉड ! तुमने तो पक्के अपराधियों जैसे काम कर डाले हैं। "


"मैं घबरा गया था।"


"तुम यहां क्या करने आये हो ?"


"मुझे तुम्हारी सहायता की जरूरत है । "


"मैं तुम्हारी क्या सहायता कर सकती हूं ?"


"मैं बुरी तरह फंस गया हूं । अगर पकड़ा गया तो मैं पुलिस को हरगिज विश्वास नहीं दिला पाऊंगा कि मैंने हेजल की हत्या नहीं की। हर कोई यही समझेगा कि क्यों कि कोस्टरमैन ने मुझे बीस लाख डालर के नोटों के बदले रद्दी अखबार दिये थे इसलिये खिजला कर मैंने हेजल की हत्या कर दी । "


"तुम मुझसे किस सहायता की अपेक्षा कर रहे हो ?"


"तुम जानती हो कि मैं हेजल की हत्या नहीं कर सकता । मैं पुलिस के पास जाकर सारी कहानी सुना दूंगा कि हेजल का अगवा ऐल्डन कोस्टरमैन से रुपया हासिल करने की एक स्कीम थी जो तुमने तैयार की थी और जिसमें हेजल भी शामिल थी ।"


" मैंने तुमसे यह नहीं पूछा कि तुम क्या करोगे ! मैंने पूछा ही कि मुझसे किस सहायता की अपेक्षा कर रहे हो ?"


"वर्तमान स्थिति में पुलिस मेरी बात पर विश्वास नहीं करेगी लेकिन जब तुम मेरे हक में बयान दोगी तो उन्हें मेरी बात पर विश्वास करना पड़ेगा ।"


"मैं तुम्हारे हक में बयान क्यों दूंगी ?"


युगल हक्का-बक्का सा अल्मा का मुंह देखने लगा ।


"क्योंकि.... क्योंकि" - वह हकलाता हुआ बोला - "क्योंकि वह स्कीम तुम्हारी थी । तुम्हीं ने मुझे और हेजल को यह राय दी थी ।"


"मैंने तुम्हें ऐसी कोई राय नहीं दी ।" - अल्मा शांति से बोली "मुझे नहीं मालूम तुम और हेजल आपस में क्या खिचड़ी पकाते रहे । और सच पूछो तो तुम्हें मैं जानती तक नहीं । मैंने तो आज तक कभी तुम्हारी सूरत भी नहीं देखी ।"


"ओह !" - अन्त में युगल मरे स्वर में बोला- "तो यह बात है !"


अल्मा मुस्कराती रही ।


“तुम इस बखेड़े से अलग नहीं रह सकतीं, मैडम । मैं पुलिस को सारी कहानी सुना दूंगा।"


"उससे क्या होगा ? मैं तो कह दूंगी तुम झूठ बोल रहे हो । तुम खामखाह मुझे फंसाने की कोशिश कर रहे हो । मुझे तुम्हारे और हेजल के रचे अगवा के ड्रामे का कुछ पता नहीं । मेरे मुकाबले में तुम्हारी बात पर कौन विश्वास करेगा, मिस्टर ?"


"लेकिन मैं तुम्हें मुकरने नहीं दूंगा । तुम्हें यह स्वीकार करना पड़ेगा कि सारी स्कीम तुमने ही हमें सुझाई थी और बाकायदा सहयोग भी दिया था।"


"मुझे मुकरने से कैसे रोक लोगे तुम ?"


“मैडम !” - युगल एक-एक शब्द पर जोर देता हुआ बोला - "तुम्हारी जानकारी के लिये केबिन के जिस कमरे में बैठकर तुमने हमें सारी स्कीम समझाई थी, उसकी मेज के नीचे एक माइक्रोफोन था जो दूसरे कमरे में रखे एक रिकार्डर से सम्बन्धित था । तुम्हारा एक-एक शब्द उस पर रिकार्ड हुआ हुआ है । वह टेप तुम्हें अपनी बात से फिरने नहीं देगा ।"


अल्मा के चेहरे से मुस्कराहट उड़ गई- "टेप रिकार्डर !"


उसके मुंह से निकला ।


"हां । अब तुम यह न कह सकोगी कि तुम्हें मालूम नहीं था कि मैं और हेजल क्या खिचड़ी पका रहे थे और तुमने आज तक मेरी सूरत भी नहीं देखी । मैडम, अगर मैं डूबा तो उस टेप की सहायता से तुम्हें भी ले डूबूंगा ।"


अल्मा की मुट्ठियां भिंच गई । उसका चेहरा क्रोध से विकृत हो उठा ।


"तुम झूठ बकते हो ।" - वह फुंफकारी- "केबिन में कोई टेपरिकार्डर नहीं था।"


“अच्छी बात है । नहीं था तो नहीं था । फिर इतना बौखला क्यों रही हो ?"


उसी क्षण किसी ने बाहर से द्वार खटखटाया ।


"कौन है ?" - अलग उच्च स्वर में बोली ।


"डाक्टर, मैडम ।" - एक पुरुष स्वर सुनाई दिया ।


"ठहरो ।" - अल्मा ने उठकर हाईबाल का गिलास उठाकर पलंग के नीचे सरका दिया- "तुम क्या चाहते हो ?" - वह युगल से बोली ।


"मैं जो चाहता हूं, तुम्हें बता चुका हूं। पकड़े जाने पर मैं पुलिस को सब कुछ सच-सच बता दूंगा । तुम्हें उसकी पुष्टि करनी होगी ।"


"सोचूंगी ।"


"इसमें सोचने की क्या बात है !"


"तुम कल सुबह मुझे फोन करना ।"


" फोन पर सुनने को मिलता है कि मेम साहब की तबियत खराब है, वह फोन पर नहीं आ सकती ।"


"ऐसा नहीं होगा ।"


"ओ.के. । लेकिन अगर हुआ तो बुरा होगा ।"


युगल खिड़की की ओर बढा ।


"सीधे रास्ते से जाओ।" - अल्मा बोली ।


युगल कुछ हिचकिचाया फिर उसने सहमतिसूचक ढंग से सिर हिला दिया ।


अल्मा लेट गई । आधे मिनट में उसके चेहरे पर ऐसे भाव उत्पन्न हो गये जैसे वह सख्त बीमार हो ।


युगल उसकी ओर देखता हुआ द्वार खोलकर बाहर निकल आया ।


बाहर एक पचास वर्ष का व्यक्ति खड़ा था। उसकी बगल में वही शोफर खड़ा था जो अल्मा को बीच पर लाया था । उसके हाथ में डाक्टर का बैग था । शोफर ने बड़े विस्मय से उसकी ओर देखा लेकिन मुंह से कुछ न बोला । युगल इमारत से बाहर निकला । और जिस रास्ते आया था उसी रास्ते लौट पड़ा ।


अल्मा के व्यवहार ने उसे अजीब हैरानी में डाल दिया था ।


उसकी समझ में नहीं आ रहा था कि जो औरत कुछ दिन पहले इतनी मीठी स्नेहमयी और सहयोग देने वाली लग रही थी, वह एकाएक इतनी बदल क्यों गई !


जंगला फान्द कर वह सड़क पर आ गया ।


युगल अपने को बुरी तरह फंसा हुआ महसूस कर रहा था । उसे लग रहा था कि वक्त के साथ वह भी सारे बखेड़े में गहरा धंसता चला आ रहा है । टेपरिकार्डर की जो धमकी वह अल्मा को देकर आया है, क्या अल्मा वाकई उससे डर जाएगी और सहयोग देने के तैयार हो जाएगी? कहीं यह तो नहीं कह देगी कि टेपरिकार्डर वाली आवाज उसकी नहीं है । उस स्थिति में क्या यह सिद्ध किया जाना सम्भव होगा कि वह आवाज उसी की थी ?


अल्मा एकाएक इतना बदल क्यों गई ? अगर अल्मा ने टेप से अपने बचाव की कोई तरकीब निकाल ली तो उसका क्या होगा ?


एकाएक उस मुश्किल में उसे एक आदमी की याद आई । प्रमोद !


प्रमोद का नाम दिमाग में आते ही धीरे-धीरे उसका मन एक नये विश्वास से भरने लगा। उसे लगा जैसे अब उस पर कोई आंच नहीं आयेगी । अब सब ठीक हो जायेगा ।


उसने एक टैक्सी पकड़ी ।


"रिवीरा अपार्टमेंट्स, रीजेन्ट पार्क ।" - वह ड्राइवर से बोला।


टैक्सी आगे बढी ।


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